शकुन्तलोवाच
यदि धर्मपथस्त्वेष यदि चात्मा प्रभुर्मम।
प्रदाने पौरवश्रेष्ठ शृणु मे समयं प्रभो॥ १५॥
अनुवाद
शकुन्तला बोली - हे पौरव! यदि यह गन्धर्व विवाह धर्ममार्ग है, यदि आत्मा स्वयं को दान करने में समर्थ है, तो मैं इसके लिए तैयार हूँ; किन्तु प्रभु! मेरी एक शर्त है, कृपया उसे सुनिए।
Shakuntala said - O great Paurava! If this Gandharva marriage is the path of Dharma, if the soul is capable of donating itself, then I am ready for this; but Lord! I have one condition, please listen to it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥