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mahabharat 1.73.10: पहले बताए गए चार विवाहों - ब्रह्म, दैव, आर्ष और प्राजापत्य - को ब्राह्मण के लिए श्रेष्ठ समझो। अनिन्दिते! क्षत्रियों के लिए धर्मानुसार ब्रह्मा से लेकर गन्धर्व तक क्रमशः छः विवाह जानों। 10॥   |   mahabharat अध्याय 1.73: शकुन्तला और दुष्यन्तका गान्धर्व विवाह और महर्षि कण्वके द्वारा उसका अनुमोदन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 73: शकुन्तला और दुष्यन्तका गान्धर्व विवाह और महर्षि कण्वके द्वारा उसका अनुमोदन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.73.10 
प्रशस्तांश्चतुर: पूर्वान् ब्राह्मणस्योपधारय।
षडानुपूर्व्या क्षत्रस्य विद्धि धर्म्याननिन्दिते॥ १०॥
 
 
अनुवाद
पहले बताए गए चार विवाहों - ब्रह्म, दैव, आर्ष और प्राजापत्य - को ब्राह्मण के लिए श्रेष्ठ समझो। अनिन्दिते! क्षत्रियों के लिए धर्मानुसार ब्रह्मा से लेकर गन्धर्व तक क्रमशः छः विवाह जानों। 10॥
 
Consider the four marriages mentioned earlier - Brahm, Daiva, Arsh and Prajapatya, as best for a Brahmin. Anindite! Know six marriages according to religion for Kshatriyas, starting from Brahma to Gandharva respectively. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)