श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 71: राजा दुष्यन्तका शकुन्तलाके साथ वार्तालाप, शकुन्तलाके द्वारा अपने जन्मका कारण बतलाना तथा उसी प्रसंगमें विश्वामित्रकी तपस्यासे इन्द्रका चिन्तित होकर मेनकाको मुनिका तपोभंग करनेके लिये भेजना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.71.9 
शकुन्तलोवाच
गत: पिता मे भगवान् फलान्याहर्तुमाश्रमात्।
मुहूर्तं सम्प्रतीक्षस्व द्रष्टास्येनमुपागतम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
शकुन्तला बोली, "अतिथि! मेरे पूज्य पिता फल लाने आश्रम से बाहर गए हैं। अतः कृपया कुछ क्षण प्रतीक्षा करें। जब वे लौटें तो उनसे मिलिए।"
 
Shakuntala said - Guest! My respected father has gone out of the ashram to bring fruits. So please wait for a few moments. Meet him when he returns.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)