Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.71.6: फिर उस तपस्वी कन्या ने उन्हें यथोचित आदर-सत्कार करके तथा उनका कुशल-क्षेम पूछकर मुस्कराकर कहा - कहिए, मैं आपकी क्या सेवा करूँ?॥6॥ | mahabharat अध्याय 1.71: राजा दुष्यन्तका शकुन्तलाके साथ वार्तालाप, शकुन्तलाके द्वारा अपने जन्मका कारण बतलाना तथा उसी प्रसंगमें विश्वामित्रकी तपस्यासे इन्द्रका चिन्तित होकर मेनकाको मुनिका तपोभंग करनेके लिये भेजना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फिर उस तपस्वी कन्या ने उन्हें यथोचित आदर-सत्कार करके तथा उनका कुशल-क्षेम पूछकर मुस्कराकर कहा - कहिए, मैं आपकी क्या सेवा करूँ?॥6॥
Then after paying due respect and honour to him in the proper manner and inquiring about his health and well-being, that ascetic girl said smilingly, “Tell me, what service may I render to you?”॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥