Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.71.5: महाराज! उन्हें आसन, जल और जल देकर उनका सत्कार करके उन्होंने राजा से पूछा - 'आपका शरीर तो स्वस्थ है? घर में सब कुशल तो है?'॥5॥ | mahabharat अध्याय 1.71: राजा दुष्यन्तका शकुन्तलाके साथ वार्तालाप, शकुन्तलाके द्वारा अपने जन्मका कारण बतलाना तथा उसी प्रसंगमें विश्वामित्रकी तपस्यासे इन्द्रका चिन्तित होकर मेनकाको मुनिका तपोभंग करनेके लिये भेजना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आसनेनार्चयित्वा च पाद्येनार्घ्येण चैव हि।
पप्रच्छानामयं राजन् कुशलं च नराधिपम्॥ ५॥
अनुवाद
महाराज! उन्हें आसन, जल और जल देकर उनका सत्कार करके उन्होंने राजा से पूछा - 'आपका शरीर तो स्वस्थ है? घर में सब कुशल तो है?'॥5॥
Maharaj! After paying his respects to him by offering him a seat, water and water, he asked the king - 'Is your body healthy? Is everything well at home?'॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥