Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.71.33: सुरेश्वर! मतंगे मुनि के उपकार से प्रसन्न होकर वे स्वयं पुरोहित हुए और उन्होंने अपना यज्ञ सम्पन्न किया; जिसमें उनके भय से आप भी सोम पीने आए॥ 33॥ | mahabharat अध्याय 1.71: राजा दुष्यन्तका शकुन्तलाके साथ वार्तालाप, शकुन्तलाके द्वारा अपने जन्मका कारण बतलाना तथा उसी प्रसंगमें विश्वामित्रकी तपस्यासे इन्द्रका चिन्तित होकर मेनकाको मुनिका तपोभंग करनेके लिये भेजना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुरेश्वर! मतंगे मुनि के उपकार से प्रसन्न होकर वे स्वयं पुरोहित हुए और उन्होंने अपना यज्ञ सम्पन्न किया; जिसमें उनके भय से आप भी सोम पीने आए॥ 33॥
Sureshwar! Pleased with the favour done by Matange Muni, he himself became the priest and conducted his yagya; in which out of fear of him you too came to drink Soma.॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥