Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.71.31: महर्षि विश्वामित्र वही व्यक्ति हैं जिनकी पत्नी को संकट के समय पुण्यशाली राजा मातंगे ने सहारा दिया था, जो एक श्राप के कारण शिकारी बन गए थे। | mahabharat अध्याय 1.71: राजा दुष्यन्तका शकुन्तलाके साथ वार्तालाप, शकुन्तलाके द्वारा अपने जन्मका कारण बतलाना तथा उसी प्रसंगमें विश्वामित्रकी तपस्यासे इन्द्रका चिन्तित होकर मेनकाको मुनिका तपोभंग करनेके लिये भेजना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महर्षि विश्वामित्र वही व्यक्ति हैं जिनकी पत्नी को संकट के समय पुण्यशाली राजा मातंगे ने सहारा दिया था, जो एक श्राप के कारण शिकारी बन गए थे।
Maharishi Visvamitra is the same person whose wife was supported in a time of crisis by the virtuous king Matange, who had become a hunter due to a curse.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥