Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.71.21: इन्द्र को भय हुआ कि तपस्या से अधिक शक्तिशाली होकर विश्वामित्र मुझे अपने स्थान से हटा देंगे, अतः उन्होंने मेनका से इस प्रकार कहा॥21॥ | mahabharat अध्याय 1.71: राजा दुष्यन्तका शकुन्तलाके साथ वार्तालाप, शकुन्तलाके द्वारा अपने जन्मका कारण बतलाना तथा उसी प्रसंगमें विश्वामित्रकी तपस्यासे इन्द्रका चिन्तित होकर मेनकाको मुनिका तपोभंग करनेके लिये भेजना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्द्र को भय हुआ कि तपस्या से अधिक शक्तिशाली होकर विश्वामित्र मुझे अपने स्थान से हटा देंगे, अतः उन्होंने मेनका से इस प्रकार कहा॥21॥
Indra feared that Viswamitra, having become more powerful through his austerities, would oust him from his place, so he spoke to Menaka as follows:॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥