Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.71.18: शकुन्तला बोली - हे राजन! मैं आपसे ये सब बातें विस्तारपूर्वक कह ​​रही हूँ, जैसा मैंने जाना है कि पूर्वकाल में मेरा जन्म किस प्रकार हुआ था तथा मैं कण्व ऋषि की पुत्री किस प्रकार हूँ; कृपया सुनिए।   |   mahabharat अध्याय 1.71: राजा दुष्यन्तका शकुन्तलाके साथ वार्तालाप, शकुन्तलाके द्वारा अपने जन्मका कारण बतलाना तथा उसी प्रसंगमें विश्वामित्रकी तपस्यासे इन्द्रका चिन्तित होकर मेनकाको मुनिका तपोभंग करनेके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 71: राजा दुष्यन्तका शकुन्तलाके साथ वार्तालाप, शकुन्तलाके द्वारा अपने जन्मका कारण बतलाना तथा उसी प्रसंगमें विश्वामित्रकी तपस्यासे इन्द्रका चिन्तित होकर मेनकाको मुनिका तपोभंग करनेके लिये भेजना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  1.71.18 
शकुन्तलोवाच
यथायमागमो मह्यं यथा चेदमभूत् पुरा।
शृणु राजन् यथातत्त्वं यथास्मि दुहिता मुने:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
शकुन्तला बोली - हे राजन! मैं आपसे ये सब बातें विस्तारपूर्वक कह ​​रही हूँ, जैसा मैंने जाना है कि पूर्वकाल में मेरा जन्म किस प्रकार हुआ था तथा मैं कण्व ऋषि की पुत्री किस प्रकार हूँ; कृपया सुनिए।
 
Shakuntala said - O King! I am telling you all these things in detail, as I have come to know them, as to how I was born in the past and as to how I am the daughter of sage Kanva; please listen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)