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mahabharat 1.71.13: 'शुभ! तुमने मुझे देखकर ही मेरा हृदय जीत लिया है। कल्याणी! मैं तुम्हारा परिचय जानना चाहता हूँ, अतः मुझे सब कुछ विस्तारपूर्वक बताओ।॥13॥   |   mahabharat अध्याय 1.71: राजा दुष्यन्तका शकुन्तलाके साथ वार्तालाप, शकुन्तलाके द्वारा अपने जन्मका कारण बतलाना तथा उसी प्रसंगमें विश्वामित्रकी तपस्यासे इन्द्रका चिन्तित होकर मेनकाको मुनिका तपोभंग करनेके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 71: राजा दुष्यन्तका शकुन्तलाके साथ वार्तालाप, शकुन्तलाके द्वारा अपने जन्मका कारण बतलाना तथा उसी प्रसंगमें विश्वामित्रकी तपस्यासे इन्द्रका चिन्तित होकर मेनकाको मुनिका तपोभंग करनेके लिये भेजना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  1.71.13 
दर्शनादेव हि शुभे त्वया मेऽपहृतं मन:।
इच्छामि त्वामहं ज्ञातुं तन्ममाचक्ष्व शोभने॥ १३॥
 
 
अनुवाद
'शुभ! तुमने मुझे देखकर ही मेरा हृदय जीत लिया है। कल्याणी! मैं तुम्हारा परिचय जानना चाहता हूँ, अतः मुझे सब कुछ विस्तारपूर्वक बताओ।॥13॥
 
‘Shubh! You have won over my heart by just seeing me. Kalyani! I want to know your identity, so tell me everything in detail.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)