Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.70.33: 'सेनापति! और सैनिकों! मैं महर्षि कश्यपनन्दन कण्व के आश्रम में, जो रजोगुण से रहित ऋषि हैं, उनसे मिलने जा रहा हूँ। जब तक मैं वहाँ से लौट न आऊँ, तुम सब यहीं ठहरो।'॥33॥ | mahabharat अध्याय 1.70: तपोवन और कण्वके आश्रमका वर्णन तथा राजा दुष्यन्तका उस आश्रममें प्रवेश । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'सेनापति! और सैनिकों! मैं महर्षि कश्यपनन्दन कण्व के आश्रम में, जो रजोगुण से रहित ऋषि हैं, उनसे मिलने जा रहा हूँ। जब तक मैं वहाँ से लौट न आऊँ, तुम सब यहीं ठहरो।'॥33॥
'Commander! And soldiers! I am going to the hermitage of Maharishi Kashyapanandana Kanva, who is a sage without the Rajoguna, to meet him. You all stay here till I return from there.'॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥