Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.70.21: विशाल वृक्षों से उस आश्रम की शोभा बहुत बढ़ गई थी। हे राजन! बीच में पवित्र मालिनी नदी बहती थी, जिसका जल अत्यंत सुहावना और स्वादिष्ट था। वह आश्रम उसके दोनों किनारों पर फैला हुआ था। | mahabharat अध्याय 1.70: तपोवन और कण्वके आश्रमका वर्णन तथा राजा दुष्यन्तका उस आश्रममें प्रवेश । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विशाल वृक्षों से उस आश्रम की शोभा बहुत बढ़ गई थी। हे राजन! बीच में पवित्र मालिनी नदी बहती थी, जिसका जल अत्यंत सुहावना और स्वादिष्ट था। वह आश्रम उसके दोनों किनारों पर फैला हुआ था।
The beauty of that ashram was greatly enhanced by the huge trees. O King! In the middle flowed the holy river Malini, whose water was very pleasant and tasty. That ashram was spread on both its banks.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥