Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.7.27: इसके बाद देवर्षि अत्यन्त प्रसन्न हुए और जिस प्रकार आये थे उसी प्रकार चले गये। फिर ऋषि-मुनि भी पहले की भाँति अग्निहोत्र आदि सब अनुष्ठान करने लगे॥27॥ | mahabharat अध्याय 1.7: शापसे कुपित हुए अग्निदेवका अदृश्य होना और ब्रह्माजीका उनके शापको संकुचित करके उन्हें प्रसन्न करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके बाद देवर्षि अत्यन्त प्रसन्न हुए और जिस प्रकार आये थे उसी प्रकार चले गये। फिर ऋषि-मुनि भी पहले की भाँति अग्निहोत्र आदि सब अनुष्ठान करने लगे॥27॥
After this, the Devarshis were very happy and went away in the same manner as they had come. Then the sages and sages also started performing all the rituals like Agnihotra etc. as before. 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥