Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.7.26: उग्रश्रवाजी कहते हैं - यह सुनकर अग्निदेव ने पितामह ब्रह्माजी से कहा - 'एवमस्तु (ऐसा ही हो)।' यह कहकर वह ब्रह्माजी की आज्ञा का पालन करने के लिये चला गया। 26॥ | mahabharat अध्याय 1.7: शापसे कुपित हुए अग्निदेवका अदृश्य होना और ब्रह्माजीका उनके शापको संकुचित करके उन्हें प्रसन्न करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उग्रश्रवाजी कहते हैं - यह सुनकर अग्निदेव ने पितामह ब्रह्माजी से कहा - 'एवमस्तु (ऐसा ही हो)।' यह कहकर वह ब्रह्माजी की आज्ञा का पालन करने के लिये चला गया। 26॥
Ugrashravaji says - Hearing this, Agnidev said to Grandfather Brahmaji - 'Evamastu (so be it).' Saying this, he left to follow the orders of Lord Brahmaji. 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥