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mahabharat 1.7.16: तत्पश्चात् ऋषियों और देवताओं ने ब्रह्माजी के पास जाकर अग्निदेव को दिए गए शाप का सारा समाचार सुनाया और बताया कि किस प्रकार अग्निदेव समस्त कार्यों से विरत होकर अदृश्य हो गए हैं। उन्होंने कहा -॥16॥   |   mahabharat अध्याय 1.7: शापसे कुपित हुए अग्निदेवका अदृश्य होना और ब्रह्माजीका उनके शापको संकुचित करके उन्हें प्रसन्न करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 7: शापसे कुपित हुए अग्निदेवका अदृश्य होना और ब्रह्माजीका उनके शापको संकुचित करके उन्हें प्रसन्न करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.7.16 
अथर्षयश्च देवाश्च ब्रह्माणमुपगम्य तु।
अग्नेरावेदयञ्छापं क्रियासंहारमेव च॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् ऋषियों और देवताओं ने ब्रह्माजी के पास जाकर अग्निदेव को दिए गए शाप का सारा समाचार सुनाया और बताया कि किस प्रकार अग्निदेव समस्त कार्यों से विरत होकर अदृश्य हो गए हैं। उन्होंने कहा -॥16॥
 
Thereafter the sages and gods went to Brahma and narrated the whole news about the curse given to Agni and how he had withdrawn himself from all activities and made himself invisible. They said -॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)