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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 69: दुष्यन्तका शिकारके लिये वनमें जाना और विविध हिंसक वन-जन्तुओंका वध करना  »  श्लोक 3-4
 
 
श्लोक  1.69.3-4 
वैशम्पायन उवाच
स कदाचिन्महाबाहु: प्रभूतबलवाहन:॥ ३॥
वनं जगाम गहनं हयनागशतैर्वृत:।
बलेन चतुरङ्गेण वृत: परमवल्गुना॥ ४॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी बोले: एक समय की बात है, महाबाहु राजा दुष्यंत बहुत से सैनिकों और घुड़सवारों के साथ, सैकड़ों हाथियों और घोड़ों से घिरे हुए तथा चार मण्डलों वाली अत्यंत सुंदर सेना के साथ एक घने वन की ओर चले।
 
Vaishmpayana said: Once upon a time, the mighty-armed king Dushyant, along with many soldiers and horsemen, surrounded by hundreds of elephants and horses and with a very beautiful army of four divisions, proceeded towards a dense forest. 3-4.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)