Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.69.28-30: वहाँ व्याघ्रस्वभाववाले अनेक क्रूर जंगली मनुष्यों ने भूख लगने के कारण कुछ हिरणों को कच्चा ही चबा डाला। वन में विचरण करनेवाले अनेक शिकारी वहाँ अग्नि जलाकर अपनी मांस पकाने की विधि के अनुसार उसे कूट-पीसकर पकाने और खाने लगे। उस वन में अनेक बलवान और मतवाले हाथी शस्त्रों के प्रहार से घायल और घायल होकर, अपनी सूँड़ मोड़कर भयभीत होकर तेजी से भाग रहे थे। उस समय उनके घावों से बहुत अधिक रक्त बह रहा था और वे मल-मूत्र त्यागते रहते थे॥28-30॥ | mahabharat अध्याय 1.69: दुष्यन्तका शिकारके लिये वनमें जाना और विविध हिंसक वन-जन्तुओंका वध करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ व्याघ्रस्वभाववाले अनेक क्रूर जंगली मनुष्यों ने भूख लगने के कारण कुछ हिरणों को कच्चा ही चबा डाला। वन में विचरण करनेवाले अनेक शिकारी वहाँ अग्नि जलाकर अपनी मांस पकाने की विधि के अनुसार उसे कूट-पीसकर पकाने और खाने लगे। उस वन में अनेक बलवान और मतवाले हाथी शस्त्रों के प्रहार से घायल और घायल होकर, अपनी सूँड़ मोड़कर भयभीत होकर तेजी से भाग रहे थे। उस समय उनके घावों से बहुत अधिक रक्त बह रहा था और वे मल-मूत्र त्यागते रहते थे॥28-30॥
There, many cruel wild men with tiger-like nature chewed some deer raw because they were hungry. Many hunters roaming in the forest lit fire there and started cooking and eating meat by pounding it according to their method of cooking meat. Many strong and intoxicated elephants in that forest were running fast in fear, with their trunks folded, wounded and injured by the blows of weapons. At that time, a lot of blood was flowing from their wounds and they kept passing urine and stool.॥28-30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥