Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.68.6: उस राजा के राज्य में कोई भी पुरुष संकर सन्तान उत्पन्न नहीं करता था; पृथ्वी बिना जोते-बोए ही अन्न उत्पन्न करती थी; समस्त भूमि रत्नों की खान थी, इसलिए किसी ने खेती करने या रत्नों की खानों की खोज करने का प्रयत्न नहीं किया। उस राज्य में कोई भी पाप करने वाला नहीं था। | mahabharat अध्याय 1.68: राजा दुष्यन्तकी अद्भुत शक्ति तथा राज्यशासनकी क्षमताका वर्णन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न वर्णसंकरकरो न कृष्याकरकृज्जन:।
न पापकृत् कश्चिदासीत् तस्मिन् राजनि शासति॥ ६॥
अनुवाद
उस राजा के राज्य में कोई भी पुरुष संकर सन्तान उत्पन्न नहीं करता था; पृथ्वी बिना जोते-बोए ही अन्न उत्पन्न करती थी; समस्त भूमि रत्नों की खान थी, इसलिए किसी ने खेती करने या रत्नों की खानों की खोज करने का प्रयत्न नहीं किया। उस राज्य में कोई भी पाप करने वाला नहीं था।
During the reign of that king, no man produced a hybrid child; the earth produced food grains without being ploughed or sown and the entire land was a mine of gems, so no one tried to farm or explore the mines of gems. There was no one who committed sin in that kingdom.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥