श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  1.67.92 
जनमेजय उवाच
ज्येष्ठानुज्येष्ठतामेषां नामधेयानि वा विभो।
धृतराष्ट्रस्य पुत्राणामानुपूर्व्येण कीर्तय॥ ९२॥
 
 
अनुवाद
जनमेजय बोले - हे प्रभु! धृतराष्ट्र के सौ पुत्रों के नाम मुझे एक-एक करके, बड़े और छोटे के क्रम से बताइए॥ 92॥
 
Janamejaya said - Lord! Tell me the names of the hundred sons of Dhritarashtra, one by one, in the order of the eldest and youngest.॥ 92॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)