Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.67.85-86: उनके छोटे भाई महाबली पाण्डु के नाम से प्रसिद्ध हुए । वे सत्य धर्म में तत्पर और सदाचारी थे । हे विदुर, तुम अपने को परम सौभाग्यशाली समझो, जो पुत्रों में श्रेष्ठ और बुद्धिमानों में श्रेष्ठ हैं और सूर्यपुत्र धर्म के अंश से इस लोक में उत्पन्न हुए हो । 85-86॥   |   mahabharat अध्याय 1.67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन  »  श्लोक 85-86
 
 
श्लोक  1.67.85-86 
तस्यैवावरजो भ्राता महासत्त्वो महाबल:॥ ८५॥
स पाण्डुरिति विख्यात: सत्यधर्मरत: शुचि:।
अत्रेस्तु* सुमहाभागं पुत्रं पुत्रवतां वरम्।
विदुरं विद्धि तं लोके जातं बुद्धिमतां वरम्॥ ८६॥
 
 
अनुवाद
उनके छोटे भाई महाबली पाण्डु के नाम से प्रसिद्ध हुए । वे सत्य धर्म में तत्पर और सदाचारी थे । हे विदुर, तुम अपने को परम सौभाग्यशाली समझो, जो पुत्रों में श्रेष्ठ और बुद्धिमानों में श्रेष्ठ हैं और सूर्यपुत्र धर्म के अंश से इस लोक में उत्पन्न हुए हो । 85-86॥
 
His younger brother became famous by the name of great and powerful Mahabali Pandu. He was active and pious in the true religion. Consider yourself the most fortunate Vidur, the best among the sons and the best among the wise, born in this world from the part of Suryaputra Dharma. 85-86॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)