Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.67.71: वेदवेत्ता विद्वान् द्रोण को धनुर्वेद और वेद दोनों में श्रेष्ठ मानते थे। वे विचित्र कर्म करने वाले और अपने कुल की मर्यादा बढ़ाने वाले थे। 71॥ | mahabharat अध्याय 1.67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धनुर्वेदे च वेदे च यं तं वेदविदो विदु:।
वरिष्ठं चित्रकर्माणं द्रोणं स्वकुलवर्धनम्॥ ७१॥
अनुवाद
वेदवेत्ता विद्वान् द्रोण को धनुर्वेद और वेद दोनों में श्रेष्ठ मानते थे। वे विचित्र कर्म करने वाले और अपने कुल की मर्यादा बढ़ाने वाले थे। 71॥
Vedveta scholars considered Drona to be the best among both Dhanurveda and Vedas. He was the one who performed strange deeds and enhanced the dignity of his clan. 71॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥