Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.67.70: हे श्रेष्ठ राजा जनमेजय! आचार्य द्रोण समस्त धनुर्धरों में श्रेष्ठ थे और समस्त अस्त्र-शस्त्रों के ज्ञाता थे। उनकी कीर्ति दूर-दूर तक फैली हुई थी। वे अत्यंत तेजस्वी थे। 70॥   |   mahabharat अध्याय 1.67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  1.67.70 
धन्विनां नृपशार्दूल य: सर्वास्त्रविदुत्तम:।
महाकीर्तिर्महातेजा: स जज्ञे मनुजेश्वर॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
हे श्रेष्ठ राजा जनमेजय! आचार्य द्रोण समस्त धनुर्धरों में श्रेष्ठ थे और समस्त अस्त्र-शस्त्रों के ज्ञाता थे। उनकी कीर्ति दूर-दूर तक फैली हुई थी। वे अत्यंत तेजस्वी थे। 70॥
 
The best king Janamejaya! Acharya Drona was the best among all the brave archers and knew all weapons. His fame spread far and wide. He was very brilliant. 70॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)