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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन
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श्लोक 68
श्लोक
1.67.68
यस्त्वासीद् देवको नाम देवराजसमद्युति:।
स गन्धर्वपतिर्मुख्य: क्षितौ जज्ञे नराधिप:॥ ६८॥
अनुवाद
इस पृथ्वीपर श्रेष्ठ गन्धर्वराज राजा देवकके रूपमें उत्पन्न हुए थे जो इन्द्रके समान तेजस्वी थे ॥68॥
The best Gandharva king was born on this earth in the form of King Devak who was as radiant as Indra. 68॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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