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mahabharat 1.67.66: यह राजा समूह सबसे पहले क्रोधवश नामक राक्षस से इस पृथ्वी पर उत्पन्न हुआ था। ये सभी राजा अत्यंत भाग्यशाली, अत्यंत यशस्वी और अत्यंत शक्तिशाली थे।   |   mahabharat अध्याय 1.67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.67.66 
गणात् क्रोधवशादेष राजपूगोऽभवत् क्षितौ।
जात: पुरा महाभागो महाकीर्तिर्महाबल:॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
यह राजा समूह सबसे पहले क्रोधवश नामक राक्षस से इस पृथ्वी पर उत्पन्न हुआ था। ये सभी राजा अत्यंत भाग्यशाली, अत्यंत यशस्वी और अत्यंत शक्तिशाली थे।
 
This group of kings was first born on this earth from a demon named Krodhavash. All these kings were extremely fortunate, highly renowned and extremely powerful.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)