vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन
»
श्लोक 56
श्लोक
1.67.56
कुक्षिस्तु राजन् विख्यातो दानवानां महाबल:।
पार्वतीय इति ख्यात: काञ्चनाचलसंनिभ:॥ ५६॥
अनुवाद
महाराज! दैत्यों में कुक्षि नाम से प्रसिद्ध पराक्रमी राजा का नाम पार्वतीय हुआ; जो मेरु पर्वत के समान तेजस्वी और विशाल था।
Maharaj! The mighty king known as Kukshi among the demons became the king named Parvatiya; who was as illustrious and huge as Mount Meru. 56.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×