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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन
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श्लोक 45
श्लोक
1.67.45
क्रोधहन्तेति यस्तस्य बभूवावरजोऽसुर:।
दण्ड इत्यभिविख्यात: स आसीन्नृपति: क्षितौ॥ ४५॥
अनुवाद
क्रोधहन्ता नामक दैत्य जो उसका छोटा भाई था (काल के पुत्रों में तीसरा) वह इस पृथ्वी पर दण्ड नाम से प्रसिद्ध राजा हुआ ॥ 45॥
The demon named Krodhahanta who was his younger brother (the third among Kala's sons) became the famous king on this earth by the name of Danda. ॥ 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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