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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन
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श्लोक 43
श्लोक
1.67.43
बली वीर इति ख्यातो यस्त्वासीदसुरोत्तम:।
पौण्ड्रमात्स्यक इत्येवं बभूव स नराधिप:॥ ४३॥
अनुवाद
महाबली वीर श्रेष्ठ राक्षस (विक्षर का तीसरा भाई) पौण्डरामत्स्यक नाम से प्रसिद्ध राजा हुआ। 43॥
Mahabali Veer, the best demon (third brother of Vikshar), became the famous king named Paundramatsyak. 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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