श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  1.67.42 
द्वितीयो विक्षराद् यस्तु नराधिप महासुर:।
पाण्डॺराष्ट्राधिप इति विख्यात: सोऽभवन्नृप:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
नाराधिप! विक्षर का छोटा भाई बल, जो राक्षसों का राजा था, पाण्डव देश का एक सुप्रसिद्ध राजा हुआ। 42.
 
Naraadhipa! Vikshara's younger brother Bala, who was the king of the demons, became a well-known king of the Pandava country. 42.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)