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mahabharat 1.67.160: सिद्धि और धृति नाम की दो देवियाँ ही पाँचों पाण्डवों, कुन्ती और माद्री की माता के रूप में प्रकट हुई थीं। यही माता मतिदेवी राजा सुबल की पुत्री गांधारी के रूप में प्रकट हुई थीं॥160॥   |   mahabharat अध्याय 1.67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.67.160 
सिद्धिर्धृतिश्च ये देव्यौ पञ्चानां मातरौ तु ते।
कुन्ती माद्री च जज्ञाते मतिस्तु सुबलात्मजा॥ १६०॥
 
 
अनुवाद
सिद्धि और धृति नाम की दो देवियाँ ही पाँचों पाण्डवों, कुन्ती और माद्री की माता के रूप में प्रकट हुई थीं। यही माता मतिदेवी राजा सुबल की पुत्री गांधारी के रूप में प्रकट हुई थीं॥160॥
 
The two goddesses named Siddhi and Dhriti were the ones who appeared as the mothers of the five Pandavas, Kunti and Madri. It was Goddess Matidevi who appeared as Gandhari, the daughter of King Subala.॥160॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)