श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन  »  श्लोक 157
 
 
श्लोक  1.67.157 
द्रौपदी त्वथ संजज्ञे शचीभागादनिन्दिता।
द्रुपदस्य कुले कन्या वेदिमध्यादनिन्दिता॥ १५७॥
 
 
अनुवाद
सती-साध्वी द्रौपदी शची के अंश से उत्पन्न हुई थीं। वे राजा द्रुपद के कुल में यज्ञवेदी के मध्य से एक अपूर्व सुन्दरी कुमारी कन्या के रूप में प्रकट हुईं।
 
Sati-sadhvi Draupadi was born from the part of Shachi. She appeared in the form of an incomparably beautiful virgin girl from the centre of the sacrificial altar in the family of King Drupada. 157.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)