Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.67.156: नारायणस्वरूप भगवान श्रीकृष्ण को आनन्द प्रदान करने के लिए लक्ष्मीजी का एक अंश सती-साध्वी रुक्मिणीदेवी के नाम से विदर्भराज भीष्मक के कुल में भूतल पर प्रकट हुआ था ॥156॥ | mahabharat अध्याय 1.67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नारायणस्वरूप भगवान श्रीकृष्ण को आनन्द प्रदान करने के लिए लक्ष्मीजी का एक अंश सती-साध्वी रुक्मिणीदेवी के नाम से विदर्भराज भीष्मक के कुल में भूतल पर प्रकट हुआ था ॥156॥
To provide joy to Lord Shri Krishna in the form of Narayan, a part of Lakshmiji in the name of Sati-Sadhvi Rukminidevi had appeared on the ground floor in the family of Vidarbha king Bhishmak. 156॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥