vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन
»
श्लोक 151
श्लोक
1.67.151
यस्तु नारायणो नाम देवदेव: सनातन:।
तस्यांशो मानुषेष्वासीद् वासुदेव: प्रतापवान्॥ १५१॥
अनुवाद
देवाधिदेव भगवान नारायण सनातन पुरुष हैं, जिन्होंने अपने अंशरूप से मनुष्यों के बीच में यशस्वी वासुदेवनन्दन श्रीकृष्ण का अवतार लिया ॥151॥
The eternal man Lord Narayana, the god of gods, was incarnated among human beings as a part of him, the glorious Vasudevanandan Shri Krishna. 151॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×