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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन
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श्लोक 140
श्लोक
1.67.140
तमुत्सृष्टं जले गर्भं राधाभर्ता महायशा:।
राधाया: कल्पयामास पुत्रं सोऽधिरथस्तदा॥ १४०॥
अनुवाद
राधा के पति महाप्रतापी अधिरथ सूत ने जल में छूटे हुए बालक को लेकर राधा की गोद में रख दिया और उसे राधा का पुत्र बना दिया ॥140॥
Radha's husband, the illustrious Adhiratha Suta, took the child left in the water and placed him in Radha's lap and made him Radha's son.॥ 140॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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