Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.67.119-120: ‘देवताओं! एक दिन जब नर और नारायण (अर्जुन और श्रीकृष्ण) उस युद्ध में उपस्थित नहीं होंगे, तब शत्रु पक्ष चक्रव्यूह बनाकर आप लोगों से युद्ध करेगा। उस युद्ध में मेरा यह पुत्र समस्त शत्रु सैनिकों को मारकर भगा देगा और बालक होने पर भी उस अभेद्य सेना में प्रवेश करके निर्भय होकर विचरण करेगा।॥119-120॥   |   mahabharat अध्याय 1.67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन  »  श्लोक 119-120
 
 
श्लोक  1.67.119-120 
नरनारायणाभ्यां तु स संग्रामो विना कृत:।
चक्रव्यूहं समास्थाय योधयिष्यन्ति व: सुरा:॥ ११९॥
विमुखाञ्छात्रवान् सर्वान् कारयिष्यति मे सुत:।
बाल: प्रविश्य च व्यूहमभेद्यं विचरिष्यति॥ १२०॥
 
 
अनुवाद
‘देवताओं! एक दिन जब नर और नारायण (अर्जुन और श्रीकृष्ण) उस युद्ध में उपस्थित नहीं होंगे, तब शत्रु पक्ष चक्रव्यूह बनाकर आप लोगों से युद्ध करेगा। उस युद्ध में मेरा यह पुत्र समस्त शत्रु सैनिकों को मारकर भगा देगा और बालक होने पर भी उस अभेद्य सेना में प्रवेश करके निर्भय होकर विचरण करेगा।॥119-120॥
 
‘Gods! One day when Nara and Narayana (Arjuna and Shri Krishna) will not be present in that war, the enemy side will form a Chakravyuh and fight with you people. In that war, this son of mine will kill all the enemy soldiers and drive them away and despite being a child, he will enter that impenetrable formation and roam around fearlessly.॥ 119-120॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)