Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.67.109-110: महाराज! उन सभी का विवाह योग्य स्त्रियों से हुआ था। महाराज! समय आने पर शकुनि की सलाह पर कुरुराज दुर्योधन ने अपनी बहन दुशलाका का विवाह सिंधुदेश के राजा जयद्रथ के साथ कर दिया। जनमेजय! आपको राजा युधिष्ठिर को धर्म का अंग मानना चाहिए। 109-110। | mahabharat अध्याय 1.67: देवता और दैत्य आदिके अंशावतारोंका दिग्दर्शन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! उन सभी का विवाह योग्य स्त्रियों से हुआ था। महाराज! समय आने पर शकुनि की सलाह पर कुरुराज दुर्योधन ने अपनी बहन दुशलाका का विवाह सिंधुदेश के राजा जयद्रथ के साथ कर दिया। जनमेजय! आपको राजा युधिष्ठिर को धर्म का अंग मानना चाहिए। 109-110।
King! All of them were married to suitable women. Maharaj! When the time came, on the advice of Shakuni, Kuru King Duryodhan got his sister Dushalaaka married to King Jayadratha of Sindhudesh. Janamejaya! You should consider King Yudhishthira as a part of Dharma. 109-110.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥