Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.66.9: क्रतु (यज्ञ) - क्रतु का पुत्र, क्रतु के समान पवित्र, तीनों लोकों में विख्यात, सत्यवादी, व्रत-भक्षण करने वाला तथा भगवान सूर्य के आगे-आगे चलने वाले साठ हजार वालखिल्य ऋषियों वाला था॥9॥ | mahabharat अध्याय 1.66: महर्षियों तथा कश्यप-पत्नियोंकी संतान-परम्पराका वर्णन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्रतु (यज्ञ) - क्रतु का पुत्र, क्रतु के समान पवित्र, तीनों लोकों में विख्यात, सत्यवादी, व्रत-भक्षण करने वाला तथा भगवान सूर्य के आगे-आगे चलने वाले साठ हजार वालखिल्य ऋषियों वाला था॥9॥
Kratu (Yagya) - the son of Kratu, was as pure as Kratu, famous in all the three worlds, truthful, fasting-devouring and sixty thousand Valakhilya sages who walked in front of Lord Surya. 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥