Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.66.66-67: नरेश्वर! मातंगी ने बच्चों के रूप में मदमस्त हाथियों को जन्म दिया। श्वेता ने तीव्र गति से चलने वाले दैत्य श्वेत को जन्म दिया। राजन! आपका कल्याण हो, सुरभिने दो सुन्दर कन्याओं को जन्म दिया। उनमें से एक का नाम रोहिणी और दूसरी का गंधर्वी था। गंधर्वी एक अत्यंत यशस्वी स्त्री थी। 66-67॥ | mahabharat अध्याय 1.66: महर्षियों तथा कश्यप-पत्नियोंकी संतान-परम्पराका वर्णन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मातङ्गॺपि च मातङ्गानपत्यानि नराधिप।
दिशां गजं तु श्वेताख्यं श्वेताजनयदाशुगम्॥ ६६॥
तथा दुहितरौ राजन् सुरभिर्वै व्यजायत।
रोहिणी चैव भद्रं ते गन्धर्वी तु यशस्विनी॥ ६७॥
अनुवाद
नरेश्वर! मातंगी ने बच्चों के रूप में मदमस्त हाथियों को जन्म दिया। श्वेता ने तीव्र गति से चलने वाले दैत्य श्वेत को जन्म दिया। राजन! आपका कल्याण हो, सुरभिने दो सुन्दर कन्याओं को जन्म दिया। उनमें से एक का नाम रोहिणी और दूसरी का गंधर्वी था। गंधर्वी एक अत्यंत यशस्वी स्त्री थी। 66-67॥
Nareshwar! Matangi gave birth to intoxicated elephants as children. Shweta gave birth to the fast-moving giant Shweta. Rajan! Good luck to you, Surabhine gave birth to two beautiful daughters. The name of one of them was Rohini and the name of the other was Gandharvi. Gandharvi was a very successful woman. 66-67॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥