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mahabharat 1.66.62-63: हे पुरुषश्रेष्ठ! सभी मृग हिरणी की संतान हैं। हे महान मृगी! हिरणी से रीछ और छोटे मृग उत्पन्न हुए। भद्रमण ने ऐरावत हाथी को अपने पुत्र के रूप में जन्म दिया। देवताओं का महान हाथी ऐरावत, भद्रमण का पुत्र है। 62-63।   |   mahabharat अध्याय 1.66: महर्षियों तथा कश्यप-पत्नियोंकी संतान-परम्पराका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 66: महर्षियों तथा कश्यप-पत्नियोंकी संतान-परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 62-63
 
 
श्लोक  1.66.62-63 
अपत्यं तु मृगा: सर्वे मृग्या नरवरोत्तम।
ऋक्षाश्च मृगमन्दाया: सृमराश्च परंतप॥ ६२॥
ततस्त्वैरावतं नागं जज्ञे भद्रमना: सुतम्।
ऐरावत: सुतस्तस्या देवनागो महागज:॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ! सभी मृग हिरणी की संतान हैं। हे महान मृगी! हिरणी से रीछ और छोटे मृग उत्पन्न हुए। भद्रमण ने ऐरावत हाथी को अपने पुत्र के रूप में जन्म दिया। देवताओं का महान हाथी ऐरावत, भद्रमण का पुत्र है। 62-63।
 
O best of men! All deer are the offspring of a female doe. O great doe! Bears and small deer were born from a female doe. Bhadramana gave birth to the Airavat elephant as his son. The great elephant of the gods, Airavat, is the son of Bhadramana. 62-63.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)