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mahabharat 1.66.46: मनु की पुत्री आरुषि, महर्षि च्यवन की पत्नी थीं। उनसे प्रसिद्ध ऋषि और्व उत्पन्न हुए। वे अपनी माता की जंघा फाड़कर प्रकट हुए थे, इसलिए उनका नाम और्व पड़ा।   |   mahabharat अध्याय 1.66: महर्षियों तथा कश्यप-पत्नियोंकी संतान-परम्पराका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 66: महर्षियों तथा कश्यप-पत्नियोंकी संतान-परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  1.66.46 
आरुषी तु मनो: कन्या तस्य पत्नी मनीषिण:।
और्वस्तस्यां समभवदूरुं भित्त्वा महायशा:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
मनु की पुत्री आरुषि, महर्षि च्यवन की पत्नी थीं। उनसे प्रसिद्ध ऋषि और्व उत्पन्न हुए। वे अपनी माता की जंघा फाड़कर प्रकट हुए थे, इसलिए उनका नाम और्व पड़ा।
 
Manu's daughter Aarushi was the wife of the wise sage Chyavan. From her was born the famous sage Aurva. He appeared by tearing his mother's thigh; hence he was called Aurva.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)