Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.66.43: अत्यन्त बुद्धिमान शुक्रदेव योग के आचार्य तथा दैत्यों के गुरु हुए। वे योगबल से बुद्धिमान, ब्रह्मचारी तथा व्रतशील बृहस्पति के रूप में प्रकट होकर देवताओं के भी गुरु बन जाते हैं। 43॥ | mahabharat अध्याय 1.66: महर्षियों तथा कश्यप-पत्नियोंकी संतान-परम्पराका वर्णन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अत्यन्त बुद्धिमान शुक्रदेव योग के आचार्य तथा दैत्यों के गुरु हुए। वे योगबल से बुद्धिमान, ब्रह्मचारी तथा व्रतशील बृहस्पति के रूप में प्रकट होकर देवताओं के भी गुरु बन जाते हैं। 43॥
The very intelligent Shukra became the teacher of yoga and the guru of the demons. He, through the power of yoga, appears in the form of intelligent, celibate and fasting-observant Jupiter and becomes the guru of the gods also. 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥