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mahabharat 1.66.21: द्धारका के दो पुत्र हुए - द्रविण और हुतव्यवाह। समस्त लोकों को अपना बनाने वाले भगवान काल, ध्रुव के पुत्र हैं। 21॥   |   mahabharat अध्याय 1.66: महर्षियों तथा कश्यप-पत्नियोंकी संतान-परम्पराका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 66: महर्षियों तथा कश्यप-पत्नियोंकी संतान-परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.66.21 
धरस्य पुत्रो द्रविणो हुतहव्यवहस्तथा।
ध्रुवस्य पुत्रो भगवान् कालो लोकप्रकालन:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
द्धारका के दो पुत्र हुए - द्रविण और हुतव्यवाह। समस्त लोकों को अपना बनाने वाले भगवान काल, ध्रुव के पुत्र हैं। 21॥
 
Dharka had two sons – Dravina and Huthavyawah. Lord Kaal, who makes all the worlds His own, is the son of Dhruva. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)