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mahabharat 1.66.19-20: धर और ब्रह्मवेत्ता ध्रुव धूम्र के पुत्र हैं। चन्द्रमा मनस्विनी के पुत्र हैं और अनिल श्वास के पुत्र हैं। अह रत्के और अनल शाण्डिली के पुत्र हैं तथा प्रत्यूष और प्रभास दोनों प्रभात के पुत्र कहे गए हैं।॥19-20॥   |   mahabharat अध्याय 1.66: महर्षियों तथा कश्यप-पत्नियोंकी संतान-परम्पराका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 66: महर्षियों तथा कश्यप-पत्नियोंकी संतान-परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 19-20
 
 
श्लोक  1.66.19-20 
धूम्रायास्तु धर: पुत्रो ब्रह्मविद्यो ध्रुवस्तथा।
चन्द्रमास्तु मनस्विन्या: श्वासाया: श्वसनस्तथा॥ १९॥
रतायाश्चाप्यह: पुत्र: शाण्डिल्याश्च हुताशन:।
प्रत्यूषश्च प्रभासश्च प्रभाताया: सुतौ स्मृतौ॥ २०॥
 
 
अनुवाद
धर और ब्रह्मवेत्ता ध्रुव धूम्र के पुत्र हैं। चन्द्रमा मनस्विनी के पुत्र हैं और अनिल श्वास के पुत्र हैं। अह रत्के और अनल शाण्डिली के पुत्र हैं तथा प्रत्यूष और प्रभास दोनों प्रभात के पुत्र कहे गए हैं।॥19-20॥
 
Dhar and Brahmaveta Dhruva are the sons of Dhumra. Chandrama is the son of Manasvini and Anil is the son of Shwasa. Ah Ratake and Anal are the sons of Shandili and Pratyush and Prabhas are both said to be the sons of Prabhata.॥19-20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)