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mahabharat 1.66.12: वे सब कन्याएँ अत्यंत सुन्दर शरीर वाली थीं और खिले हुए कमल के समान बड़े-बड़े नेत्रों से सुशोभित थीं। जब प्रजापति दक्ष के पुत्रों का नाश हो गया, तब उन्होंने उन कन्याओं को अपनी पुत्री मानकर रखा (और पुत्री धर्म के अनुसार उनसे विवाह किया)॥12॥   |   mahabharat अध्याय 1.66: महर्षियों तथा कश्यप-पत्नियोंकी संतान-परम्पराका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 66: महर्षियों तथा कश्यप-पत्नियोंकी संतान-परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.66.12 
ता: सर्वास्त्वनवद्याङ्गॺ: कन्या: कमललोचना:।
पुत्रिका: स्थापयामास नष्टपुत्र: प्रजापति:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
वे सब कन्याएँ अत्यंत सुन्दर शरीर वाली थीं और खिले हुए कमल के समान बड़े-बड़े नेत्रों से सुशोभित थीं। जब प्रजापति दक्ष के पुत्रों का नाश हो गया, तब उन्होंने उन कन्याओं को अपनी पुत्री मानकर रखा (और पुत्री धर्म के अनुसार उनसे विवाह किया)॥12॥
 
All those girls had extremely beautiful body parts and were adorned with large eyes like blooming lotus flowers. When the sons of Prajapati Daksha were destroyed, he kept those girls as his daughters (and married them according to the duty of a daughter).॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)