Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.65.7-8: जनमेजय बोले - हे प्रभु! मैं देवता, दानव, गन्धर्व, अप्सराएँ, मनुष्य, यक्ष, राक्षस और समस्त जीव-जन्तुओं की यथार्थ उत्पत्ति सुनना चाहता हूँ। आप कृपा करके इन सबकी उत्पत्ति का आदि से यथार्थ वर्णन करने की कृपा करें। 7-8॥ | mahabharat अध्याय 1.65: मरीचि आदि महर्षियों तथा अदिति आदि दक्षकन्याओंके वंशका विवरण । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जनमेजय बोले - हे प्रभु! मैं देवता, दानव, गन्धर्व, अप्सराएँ, मनुष्य, यक्ष, राक्षस और समस्त जीव-जन्तुओं की यथार्थ उत्पत्ति सुनना चाहता हूँ। आप कृपा करके इन सबकी उत्पत्ति का आदि से यथार्थ वर्णन करने की कृपा करें। 7-8॥
Janmejaya said – Lord! I want to hear the exact origin of the gods, demons, Gandharvas, Apsaras, humans, Yakshas, demons and all living beings. Please please describe the origin of all this exactly from the beginning. 7-8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥