Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.65.4: हे राजनश्रेष्ठ! वे देवता अपनी इच्छानुसार ब्रह्मर्षियों अथवा राजाओं के कुल में उत्पन्न हुए थे॥4॥   |   mahabharat अध्याय 1.65: मरीचि आदि महर्षियों तथा अदिति आदि दक्षकन्याओंके वंशका विवरण   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 65: मरीचि आदि महर्षियों तथा अदिति आदि दक्षकन्याओंके वंशका विवरण  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.65.4 
ततो ब्रह्मर्षिवंशेषु पार्थिवर्षिकुलेषु च।
जज्ञिरे राजशार्दूल यथाकामं दिवौकस:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हे राजनश्रेष्ठ! वे देवता अपनी इच्छानुसार ब्रह्मर्षियों अथवा राजाओं के कुल में उत्पन्न हुए थे॥4॥
 
O best of kings! Those gods were born in the lineages of brahmarshis or kings according to their wishes. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)