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mahabharat 1.65.39-40: हे राजन! उनकी संतानों की संख्या पूरी तरह से नहीं गिनी जा सकती, क्योंकि उनकी संख्या अनंत है। तार्क्ष्य, अरिष्टनेमि, गरुड़, अरुण, आरुणि और वारुणि ये विनता के पुत्र कहे गए हैं।   |   mahabharat अध्याय 1.65: मरीचि आदि महर्षियों तथा अदिति आदि दक्षकन्याओंके वंशका विवरण   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 65: मरीचि आदि महर्षियों तथा अदिति आदि दक्षकन्याओंके वंशका विवरण  »  श्लोक 39-40
 
 
श्लोक  1.65.39-40 
एतेषां यदपत्यं तु न शक्यं तदशेषत:।
प्रसंख्यातुं महीपाल गुणभूतमनन्तकम्॥ ३९॥
तार्क्ष्यश्चारिष्टनेमिश्च तथैव गरुडारुणौ।
आरुणिर्वारुणिश्चैव वैनतेया: प्रकीर्तिता:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! उनकी संतानों की संख्या पूरी तरह से नहीं गिनी जा सकती, क्योंकि उनकी संख्या अनंत है। तार्क्ष्य, अरिष्टनेमि, गरुड़, अरुण, आरुणि और वारुणि ये विनता के पुत्र कहे गए हैं।
 
O king! The number of her children cannot be counted completely because they are infinite in number. Tarkshy, Arishtanemi, Garuda, Arun, Aruni and Varuni are said to be the sons of Vinata.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)