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mahabharat 1.65.17: दैत्यराज हिरण्यकशिपु का एकमात्र पुत्र हिरण्यकशिपु नाम से प्रसिद्ध हुआ। उस महादैत्य के पाँच पुत्र थे।   |   mahabharat अध्याय 1.65: मरीचि आदि महर्षियों तथा अदिति आदि दक्षकन्याओंके वंशका विवरण   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 65: मरीचि आदि महर्षियों तथा अदिति आदि दक्षकन्याओंके वंशका विवरण  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.65.17 
एक एव दिते: पुत्रो हिरण्यकशिपु: स्मृत:।
नाम्ना ख्यातास्तु तस्येमे पञ्च पुत्रा महात्मन:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
दैत्यराज हिरण्यकशिपु का एकमात्र पुत्र हिरण्यकशिपु नाम से प्रसिद्ध हुआ। उस महादैत्य के पाँच पुत्र थे।
 
Ditika's only son Hiranyakashipu became famous by his name. That great demon had five sons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)