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mahabharat 1.64.7-9: राजन! उन हजारों क्षत्रिय स्त्रियों ने ब्राह्मणों से गर्भ धारण करके पुनः क्षत्रिय वंश की वृद्धि के लिए अत्यन्त बलवान क्षत्रिय बालकों और बालिकाओं को जन्म दिया। इस प्रकार तपस्वी ब्राह्मणों द्वारा क्षत्रिय स्त्रियों के गर्भ से क्षत्रिय बालक उत्पन्न हुए और उनकी धर्मपूर्वक वृद्धि हुई। वे सभी बालक दीर्घायु हुए। तत्पश्चात्, चारों ब्राह्मण-प्रधान वर्ण पुनः संसार में प्रतिष्ठित हुए। 7-9॥   |   mahabharat अध्याय 1.64: ब्राह्मणोंद्वारा क्षत्रियवंशकी उत्पत्ति और वृद्धि तथा उस समयके धार्मिक राज्यका वर्णन; असुरोंका जन्म और उनके भारसे पीड़ित पृथ्वीका ब्रह्माजीकी शरणमें जाना तथा ब्रह्माजीका देवताओंको अपने अंशसे पृथ्वीपर जन्म लेनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 64: ब्राह्मणोंद्वारा क्षत्रियवंशकी उत्पत्ति और वृद्धि तथा उस समयके धार्मिक राज्यका वर्णन; असुरोंका जन्म और उनके भारसे पीड़ित पृथ्वीका ब्रह्माजीकी शरणमें जाना तथा ब्रह्माजीका देवताओंको अपने अंशसे पृथ्वीपर जन्म लेनेका आदेश  »  श्लोक 7-9
 
 
श्लोक  1.64.7-9 
तेभ्यश्च लेभिरे गर्भं क्षत्रियास्ता: सहस्रश:।
तत: सुषुविरे राजन् क्षत्रियान् वीर्यवत्तरान्॥ ७॥
कुमारांश्च कुमारीश्च पुन: क्षत्राभिवृद्धये।
एवं तद् ब्राह्मणै: क्षत्रं क्षत्रियासु तपस्विभि:॥ ८॥
जातं वृद्धं च धर्मेण सुदीर्घेणायुषान्वितम्।
चत्वारोऽपि ततो वर्णा बभूवुर्ब्राह्मणोत्तरा:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
राजन! उन हजारों क्षत्रिय स्त्रियों ने ब्राह्मणों से गर्भ धारण करके पुनः क्षत्रिय वंश की वृद्धि के लिए अत्यन्त बलवान क्षत्रिय बालकों और बालिकाओं को जन्म दिया। इस प्रकार तपस्वी ब्राह्मणों द्वारा क्षत्रिय स्त्रियों के गर्भ से क्षत्रिय बालक उत्पन्न हुए और उनकी धर्मपूर्वक वृद्धि हुई। वे सभी बालक दीर्घायु हुए। तत्पश्चात्, चारों ब्राह्मण-प्रधान वर्ण पुनः संसार में प्रतिष्ठित हुए। 7-9॥
 
Rajan! Those thousands of Kshatriya women conceived from Brahmins and again gave birth to very powerful Kshatriya boys and girls for the growth of the Kshatriya clan. In this way, Kshatriya children were born and multiplied religiously from the wombs of Kshatriya women by the ascetic Brahmins. All those children were long lived. Thereafter, the four Brahmin-dominated castes were again established in the world. 7-9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)