Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.64.53: जो प्रजापतियों के पति, दिव्य स्वरूप, देवताओं के रक्षक, महायोद्धा, श्रीवत्स चिह्न से सुशोभित, इन्द्रियों के अधिष्ठाता देवता हैं और समस्त देवताओं द्वारा पूजित हैं ॥53॥ | mahabharat अध्याय 1.64: ब्राह्मणोंद्वारा क्षत्रियवंशकी उत्पत्ति और वृद्धि तथा उस समयके धार्मिक राज्यका वर्णन; असुरोंका जन्म और उनके भारसे पीड़ित पृथ्वीका ब्रह्माजीकी शरणमें जाना तथा ब्रह्माजीका देवताओंको अपने अंशसे पृथ्वीपर जन्म लेनेका आदेश । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो प्रजापतियों के पति, दिव्य स्वरूप, देवताओं के रक्षक, महायोद्धा, श्रीवत्स चिह्न से सुशोभित, इन्द्रियों के अधिष्ठाता देवता हैं और समस्त देवताओं द्वारा पूजित हैं ॥53॥
Who is the husband of the Prajapatis, the divine form, the protector of the gods, the great warrior, adorned with the symbol of Shrivatsa, the presiding deity of the senses and is worshiped by all the gods. 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥