Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.64.46: ब्रह्माजी बोले - हे वसुन्धरे! जिस उद्देश्य से तुम मेरे पास आई हो, उसी की सिद्धि के लिए मैं समस्त देवताओं को नियुक्त कर रहा हूँ॥ 46॥   |   mahabharat अध्याय 1.64: ब्राह्मणोंद्वारा क्षत्रियवंशकी उत्पत्ति और वृद्धि तथा उस समयके धार्मिक राज्यका वर्णन; असुरोंका जन्म और उनके भारसे पीड़ित पृथ्वीका ब्रह्माजीकी शरणमें जाना तथा ब्रह्माजीका देवताओंको अपने अंशसे पृथ्वीपर जन्म लेनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 64: ब्राह्मणोंद्वारा क्षत्रियवंशकी उत्पत्ति और वृद्धि तथा उस समयके धार्मिक राज्यका वर्णन; असुरोंका जन्म और उनके भारसे पीड़ित पृथ्वीका ब्रह्माजीकी शरणमें जाना तथा ब्रह्माजीका देवताओंको अपने अंशसे पृथ्वीपर जन्म लेनेका आदेश  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  1.64.46 
ब्रह्मोवाच
यदर्थमभिसम्प्राप्ता मत्सकाशं वसुन्धरे।
तदर्थं संनियोक्ष्यामि सर्वानेव दिवौकस:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी बोले - हे वसुन्धरे! जिस उद्देश्य से तुम मेरे पास आई हो, उसी की सिद्धि के लिए मैं समस्त देवताओं को नियुक्त कर रहा हूँ॥ 46॥
 
Brahma said - O Vasundhara! I am appointing all the gods to achieve the purpose for which you have come to me. ॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)